Saturday, April 24, 2010

माँ

माँ तुम मुझे क्यों भेज रही हो...........
माँ , तुम वो हो, जिसने मुझे जन्म दिया ।
माँ , तुम वो हो, जिसने मुझे चलना सिखाया।
माँ , तुम वो हो, जिसने मुझे बड़ा किया।
तुमने ही कहा था, मैं
तुम्हारे दिल का टुकड़ा हूँ।
फिर ऐसा क्या हो गया माँ.....
तुम मुझे किसी और के पास
क्यों भेज रही हो....
क्या वो दूसरा मुझे तुम्हारे जितना प्यार देगा...
क्या तुम मुझसे दूर रह लोगी...
क्या मुझसे दूर होके तुम खुश रह पाओगी....
नही रह पाओगी न माँ...
तो समाज की इस प्रथा को तोड़ दो माँ..
मुझे अपने साथ रहने दो माँ....

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